मेरा पढाई में मन नहीं लगता क्या करू - गूगल बताओ | Mera Pdhai me man nahi lagta kya Karu

मेरा पढाई में मन नहीं लगता क्या करू – गूगल बताओ | Mera Pdhai me man nahi lagta kya Karu

मेरा पढाई में मन नहीं लगता क्या करू – गूगल बताओ | Mera Pdhai me man nahi lagta kya Karu

मेरा पढाई में मन नहीं लगता क्या करू – आज पढ़ाई को लेकर काफी दौड़ लगी हुई हैं आज हर बच्चे से लेकर बड़े तक को पढाई कर के अपने करियर अपने भविष्य को बेहतर बनाना हैं और अपने ज़िन्दगी को खुश हाल तरीके से बिताना है।

आज पढ़ना तो हर किसी को हैं लेकिन पढ़ने में दिल कुछ ही लोगो का लगता हैं और कुछ ही लोग पढाई की वजह से अपने जीवन में के सुखो को त्याग कर पढाई में लग जाते हैं। अब आप सोचोगे सुखो को कैसे त्यागे गए कोई पढ़ा की वजह से।

तो अगर किसी इंसान को पढाई से बहुत ज़्यादा लगाओ हैं तो वह यह नहीं देखेगा के कौन सा त्योहार आया हैं या कौन सा ख़ुशी का मौका आया हैं जिसमे वह खुश मना सकता हैं ,बल्कि वह अपने उन ख़ुशी के पालो को त्याग कर पढाई में लग जायेगा।

लेकिन सब लोग ऐसे नहीं होते कुछ लोग पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन पढाई नहीं कर पाते वह चाहते हैं उनका करियर पढाई की वजह से चमके लेकिन उनका दिल नहीं लगता। और ऐसे में इंसान डिप्रेशन में तक चला जाता हैं।

मेरा पढाई में दिल नहीं लगता मुझे पढ़ना हैं में क्या करू क्या ना करू ऐसे सवालो के जवाब इंसान को परेशान कर देते हैं। और कभी कभी यह बहुत ज़्यादा खतरनाक साबित होते हैं। कोई भी बच्चा ईश्वर के घर से अलग नहीं आता इस दुनिया में।

बस इस दुनिया में आने के बाद उसका माहौल तेय्य करता हैं। जैसे कोई भी बच्चा अपनी माँ की कोख से इंग्लिश या हिंदी भाषा नहीं जनता लेकिन जब वह इस दुनिया मे आता हैं और अपने घर वालो और आस पास के लोगो को बोलते हुए सुनता हैं तोह वह वही भाषा सिख जाता हैं। मेरा पढाई में मन नहीं लगता क्या करू

जैसे अगर कोई अंग्रेज़ का बच्चा किसी इंग्लिश देश में पैदा हुआ हैं तो ज़ाहिर सी बात हैं। वह अंग्रेजी ही कहेगा जैसे हमारे देश भारत में कर्टनी ही भाषाएँ बोली जाट हैं जैसे कहा जाता हैं। भारत में हर 100 किलो मीटर के बाद बोली और सभ्यता बदली हुई होती हैं।

और जो बच्चे वह पैदा होते हैं वह भी वही भाषा बोलते हैं जहा वह पैदा हुई , जैसे अगर कोई बचा मदरास में पैदा हुआ तो वह मद्रासी ही कहेगा अगर को तमिल में पैदा हुआ तो तमिल ही कहेगा जैसे अगर कोई बच्चा मध्य प्रदेश में पैदा हुआ तो वह हिंदी ही कहेगा उससे दूसरी भाषा समझ नहीं आएंगी।

आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही बताएंगे के पढाई में मन नहीं लगने की क्या क्या वजह हो सकती हैं और उन्हें कैसे बदला सकते हैं जिस से पढाई में मन लगे

पढाई में मैं कैसे लगाए अपना मन | Pdhai me kaise lgaye apna man

पढाई में मन लगाना थोड़ा मुश्किल काम हैं लेकिन जब एक बार यह आ जाता हैं। तो आपको पढ़ने में भी बहुत आनंद आएगा।

पढाई के लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी हैं आपकी जगह आप किस जगह पर अपनी पढाई कर रहे हो अगर आप जिस जगह पढाई कर रहे हो वह जगह शोर शराबे से भरी हुई हैं या उस जगह मस्ती करने वाले ने तो आपका भी पढ़ाई में मन नहीं लगेगा और आपको भी वहा पढ़ना होगा ऐसा होता आ रहा है, मेरा पढाई में मन नहीं लगता

जब भी आप पढ़ने बैठते हो कोई ना कोई आ जाता है पढ़ाई में दिल नहीं लगता तो उसके लिए अब आप अपनी जगह बदलये । अच्छे से पढ़ पाओगे अन्यथा आपका पढ़ाई में मन नहीं लगेगा।

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जैसे माहौल में रहोगे आपकी वैसी मानसिकता बन जाएगी । अगर आप कम पढ़े लिखो के माहौल में रहोगे तो आपकी भी ज्यादा पढ़ने का दिल नहीं करेगा क्योंकि आपके आस पड़ोस के लोग सब मस्ती करेंगे और आप अकेले पड़ेंगे ऐसा करना आपके लिए बहुत मुश्किल होगा।

आपकी सबसे जरूरी बात है कि आप जब भी पढ़ने बैठे आपका मूड एक दम ठीक हो । सबके साथ अगर आप पढ़ेंगे तो आपको पढ़ाई में दिल नहीं लगेगा और जो भी आप पढ़े हैं वह आपके दिमाग में नहीं जाएगा क्योंकि आपका दिल वहां लग ही नहीं रहा है तो आप पड़ेंगे कैसे । मेरा पढाई में मन नहीं लगता

पढ़ाई के लिए मन की शांति बहुत जरूरी चीज है अगर आपका ध्यान नहीं रहेगा तो आपको पढ़ने में बड़ी परेशानी आएगी । क्योंकि आप जब भी पढ़ेंगे तो आप हो भूल जाएंगे तो कि आप क्या पढ़ रहे हैं अब आप को समझ नहीं आएगा क्योंकि आपका दिमाग वहां नहीं होगा।

और इसके बाद सबसे ज्यादा जरूरी है आपका पढ़ाई का उद्देश्य । अगर आपका पढ़ाई का उद्देश्य आपक साफ होगा तो आपको पढ़ने में और साथ आसानी होगी क्योंकि आपको पता होगा कि आप क्यों पढ़ाई कर रहे हैं । मेरा पढाई में मन नहीं लगता क्या करू

आप तो अगर आपको पाने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं तो आपको पता होगा कि आपको पाने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं अगर आप किसी और वजह से पढ़ाई कर रहे हैं तो आपको ही पता होगा कि आप क्यों पढ़ाई कर रहे हैं ।

हर इंसान पढ़ाई करता है क्योंकि वह उसका कैरियर बना सके लेकिन अगर आपको आपकी पढ़ाई का पता नहीं होगा कि आपको आगे चलकर क्या बनना है तो आप कैसे क्या पढ़ सकें अगर आपको इंजीनियर बनना है तो आप उस तरह से पढ़ाई करेंगे अगर आपको डॉक्टर बनना है तो आप उस तरीके से पढ़ाई करेंगे ।

पढ़ाई में सबसे ज्यादा जरूरी बात है कि आप उसके लिए ब्रेक लें अगर आप निरंतर पढ़ाई ही करे जा रहे हैं तो आप को उसका नुकसान हो सकता है लेकिन अगर आप बीच-बीच में ब्रेक ले लेकर पढ़ रहे हैं तो आपको यह भी समय आएगा क्या आप क्या पढ़ रहे हैं।

एक साथ एक साथ लगातार पढ़ना भी आपके दिमाग के लिए हानिकारक हो सकता है इसीलिए आप जब से पढ़ने बैठे तो मानिए अगर आप 60 मिनट पढ़ रहे हैं तो उसमें से आप 10 मिनट आपके ब्रेक लें और 50 मिनट पड़े फिर अगर आप पढ़ने बैठा हूं तो 60 मिनट के अंदर आप 50 मिनट पढ़े 10 मिनट का ब्रेक ले

पढ़ाई के लिए सबसे ज्यादा जरूरी बात है कि आप मोबाइल टीवी वगैरह जैसी चीजों से दूर रहें । आपके पास मोबाइल रख कर पढ़ाई कर रहे हैं तो आप नहीं पढ़ पाएंगे क्योंकि आपका ध्यान पूरा सोशल मीडिया पर होगा। मेरा पढाई में मन नहीं लगता क्या करू | मेरा पढाई में मन नहीं लगता

इसीलिए पढ़ाई के लिए सबसे बेहतर यही है कि आपको मोबाइल या टीवी या ऐसी डिवाइस से दूर रहे जो आपको आपकी पढ़ाई से दूर करें या फिर आपका ध्यान भटकाए । मेरा पढाई में मन नहीं लगता क्या करू | मेरा पढाई में मन नहीं लगता

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मेरा पढ़ाई में मन नहीं लग रहा मैं क्या करूं ?

अगर आपका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है तो आप सबसे पहले अपनी जगह बदलिए कि आप कहां पड़ रहे हैं उसके बाद आप ध्यान लगाइए ।
पढ़ाई में दिल लगाने के लिए सबसे जरूरी बात है कि आप का वातावरण ऐसा हो कि आप कहां पड़ रहे हैं अगर आप किसी गलत वातावरण में पढ़ाई कर रहे हैं तो आपका पढ़ाई में दिल बिल्कुल नहीं लगेगा क्योंकि आपका ध्यान पूरा का पूरा उस वातावरण और वहां पर आसपास रहने वाले लोगों में लगा रहेगा तो अगर आप कुछ पढ़ भी रहे हैं जो ज्यादा मुश्किल नहीं है फिर भी आपको समझ नहीं आएगा कि आपने क्या पढ़ा है।
पढ़ाई ने दिल लगाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप सुबह कुछ टाइम मेडिटेशन करें मेडिटेशन से आपका दिमाग शांत रहेगा और आपको समझ आएगा कि आपने क्या पढ़ा है इसलिए पढ़ने वाले बच्चों के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है कि वह दिन में कुछ देर मेडिटेशन जरूर करें ।

पढ़ाई में मन लगाने वाला मंत्र कौन सा ?

पढ़ाई में मन लगाने का कोई सा भी मंत्र नहीं है उसके लिए आपको स्वयं इच्छा के साथ पढ़ना होगा । बहुत सारे लोग आप को बेवकूफ बनाएंगे कि यह मंत्र पढ़ लो तो आपका मन पढ़ाई में लगेगा ऐसा कर लो तो ऐसा होगा लेकिन वह सब झूठी बात है ।

पढ़ाई में मन लगाने के लिए कौन सा भी मंत्र आपके काम नहीं आएगा अगर आपका पढ़ने में दिल नहीं है तो दुखी पढ़ने के अंदर सबसे ज्यादा जरूरी है कि आपका मन उसमें लागे अगर आपका मन नहीं लगेगा तो कोई भी मंत्र काम नहीं आएगा ।

पढ़ाई करने का सही तरीका क्या है ?

पढ़ाई करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा । अगर आप इन बातों का ध्यान रखकर ठीक से पढ़ते हैं तो आपका पढ़ाई से मन कोई भी नहीं भटका सकता । क्योंकि पढ़ाई इंसान अपने लिए करता है आपको सबसे पहले यह ध्यान रखना है कि आपका क्या करें और आपको आगे जाकर एक चुनना है
अगर आप इस में सक्षम हो जाते हैं तो आपको पढ़ाई करने से कोई नहीं रोक सकता उसके बाद आपको आपके
और जब भी आप पढ़ने बैठे हैं तो कुछ वक्त के लिए ब्रेक लेते रहें उससे यह होगा कि आपको निरंता पढ़ाई करना नहीं पड़ेगा अगर आप बहुत देर पढ़ रहे हैं तो उसके अंदर मीट 20 मिनट का ब्रेक ले ले ।

कंसंट्रेट कैसे करें।

पढ़ाई में कंसंट्रेट करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना है आप इन बातों का अगर ध्यान रखेंगे तो आसानी से अपनी पढ़ाई में कंसंट्रेट कर पाएंगे ।
पढ़ाई में कंसंट्रेट करने के लिए आपको सबसे पहले अपनी जगह बदलनी होगी फिर पढ़ाई में को अकेले में करना होगा और आप का गोल साफ होना चाहिए कि आपको किस लिए पढ़ना है

पढ़ाई में कमजोर उसे तेज कैसे करें ?

पढ़ाई में कमजोर इंसान को तेज करने के लिए भी आपको उसे बढ़ाना ही होगा अगर आप उसे नहीं पढ़ाते हैं अगर आप उसे पढ़ाई से दूर रखते हैं तो आप उसे नहीं पढा सकते हैं इसके लिए आप किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह करके कुछ ऐसी टेबलेट ले सकते हैं जो उनके दिमाग की नसों को खोल दे हां लेकिन यह जरूरी नहीं कि दवा ही से आप का इलाज हो ।
क्योंकि उसके लिए आपको पढ़ना पड़ेगा जब तक आप खुद नहीं चाहेंगे कि आप को पढ़ना है तो तब तक आप कितना ही दवा खा ले आपका दिमाग तेज नहीं होगा

पढ़ाई का टाइम टेबल कैसे बनाते हैं ?

पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाना बहुत सारा मुश्किल काम नहीं है बस आपको यह देखना होगा कि आपको किस वक्त पढ़ना है आपको कितनी देर कौन सा विषय पढ़ना है और आपको कितना पढ़ना है अगर आप यह सब एक साथ लेकर चलेंगे तो आपको पढ़ाई का टाइम टेबल बनाने में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी।

बस जब भी आप आपके पढ़ाई का टाइम टेबल बना तो उसमें आप आपके दिमाग को ध्यान में रखते हुए बनाएं कि आप कितनी देर में कितना पढ़ सकते हैं और कितना याद कर सकते हैं अगर आप आपके साथ ईमानदारी के साथ यह सब बनाते हैं तो आपको पढ़ाई का टाइम टेबल बनाने में कोई घटना ही नहीं होगी और उसको फॉलो करने में भी आपको कोई परेशानी नहीं होगी।

और जब भी आप आपके पढ़ाई का टाइम टेबल बताएं तो उसके अंदर कुछ मिनट वेट कर भी डाले कि आपको इतनी देर में इतना ब्रेक लेना है जिसमें आप आपका दिमाग शांत कर सके आंखें कुछ अगर आपको काम करना है तो आप उस पर एक में काम कर सके लेकिन पढ़ाई के बीच में ना उठे।

1 दिन में कितना पढ़ना चाहिए ?

यह सवाल का जवाब थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप किस की पढ़ाई कर रहे हैं अगर आप एक ऐसे गगन गवर्नमेंट एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं जिसके अंदर कोलकाता से बस आपको पढ़ना है तो आप कम से कम 10 से 12 घंटे पढ़िए उसके बाद आप आपके दूसरे काम भी करिए और आप उसके अंदर आपकी नींद भी निकाल लीजिए उसके बाद ।

10 से 12 घंटे ज्यादा होते हैं लेकिन अगर आपको और पढ़ना है तो आप और पढ़ सकते हैं लेकिन इतना ध्यान रहे कि आप पढ़ाई की वजह से आपके शरीर को नुकसान ना पहुंचा क्योंकि एक शरीर भी आपके ऊपर हक है कि आप आपकी आंखों को भी थोड़ा सुकून दे।

और अगर आप नॉर्मल ही पढ़ना चाहते हैं तो आप 6 से 7 घंटे आराम से पढ़ सकते हैं इतना टाइम आपके पास रहता है कि आप जैसे 6 घंटे आराम से पढ़ सकते हैं ।

रात में कितने घंटे पढ़ना चाहिए ?

वैसे तो रात में पढ़ाई कम ही करना चाहिए क्योंकि जो सुबह का वक्त होता है उसमें अगर आप पढ़ेंगे तो आपको ज्यादा समझ में और ज्यादा ध्यान देने में आसानी होगी लेकिन अगर किसी का स्वभाव रात में पढ़ने का हैं तो रात में भी पढ़ सकते हैं ।

क्योंकि रात में आपको बिल्कुल शांति मिलेगी जिससे आपका पढ़ने में और ज्यादा ध्यान रहेगा बस आपका ध्यान रखना होगा कि आप थोड़ा जल्दी सो जाएं ताकि आप रात में जल्दी उठ सके जिससे आप आराम से सुबह तक पढ़ सके और आपकी आंखों में भी जलन ना हो ।

8 घंटे पढ़ाई कैसे करें ?

8 घंटे पढ़ाई करना थोड़ा मुश्किल काम होगा उन इंसानों के लिए जो अभी-अभी नए पड़ने लगे हैं आप भी जिन्होंने पढ़ाई के लिए अपना वक्त बड़ा ही लेकिन यह सब बातें आप की दिनचर्या के ऊपर निर्भर करती है कि आप दिन में क्या कार्य करते हैं आपको कैसे वक्त मिलता है ।

क्योंकि अगर आप दिन में पढ़ाई करते हैं या फिर जॉब पर जाते हैं तो आपको वक्त नहीं मिलेगा कि आप कुछ और समय रुक रुक के पढ़ाई करें लेकिन अगर आपको समय नहीं मिलता है तो आप 8 घंटे पढ़ाई कर सकते हैं लेकिन उसके लिए आपको यह करना होगा कि अगर आप 60 मिनट पढ़ाई कर रहे हैं तो 60 मिनट के अंदर आप 10 से 5 मिनट अपनी ब्रेक के लिए ले जिससे आपको पढ़ने में आसानी होगी ।

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