डिप्लोमा क्या होता है। Diploma Kya Hota Hai in Hindi

डिप्लोमा क्या होता है। Diploma Kya Hota Hai in Hindi

डिप्लोमा क्या होता है। Diploma Kya Hota Hai in Hindi

डिप्लोमा क्या होता है। Diploma Kya Hota Hai in Hindi – तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको डिप्लोमा क्या होता है। Diploma Kya Hota Hai in Hindi के बारे में बताने वाले है तो आर्टिकल ध्यान से पढ़ियेगा ताकि आपको इसके बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो सके तो आईये जानते है, डिप्लोमा क्या होता है। Diploma Kya Hota Hai in Hindi

डिप्लोमा का नाम आप में से कई लोगों ने सुना होगा पर ज्यादातर को डिप्लोमा क्या है के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। यहां हम इस आर्टिकल में आपके साथ डिप्लोमा के बारे में सारी जानकारी शेयर कर रहे हैं कि डिप्लोमा क्या होता है? डिप्लोमा कैसे करते हैं? डिप्लोमा की फीस, नौकरियों के अवसर, सैलरी आदि।

डिप्लोमा को कई-कई क्षेत्रों में किया जाता है जैसे यदि कोई इलेक्ट्रिकल में डिप्लोमा कोर्स करता है तो वो डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल कहलाता है और उसे इलेक्ट्रिसिटी से जुड़ी चीजें और काम सिखाया जाता है। ऐसे में भारत में कई तरह के डिप्लोमा कोर्स करवाए जाते है जो क्लास आठ के बाद शुरू होते है एवं graduation या इसके बाद भी करे जा सकते है।

इस लेख को पढ़ने के बाद आपके मन में डिप्लोमा कोर्स क्या होता है, इसके अर्थ से जुड़ा कोई प्रश्न शायद ही आपके दिमाग में आएं। इससे पहले आपको बता दें कि डिप्लोमा का कोई फुल फॉर्म नहीं होता है।

डिप्लोमा क्या होता है / What is Diploma in Hindi

डिप्लोमा एक छोटी अवधि का कोर्स होता है जो किसी व्यक्ति को किसी विशेष क्षेत्र में प्रशिक्षित करता है एवं सर्टिफिकेट प्रदान करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो डिप्लोमा वो कोर्स होता है जिसमें किसी व्यक्ति को किसी विषय या क्षेत्र में कम वक़्त में पढ़ाया जाता है। डिप्लोमा करके कोई भी स्टूडेंट या व्यक्ति किसी भी Subject के बारे में बुनियादी नॉलेज के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज हासिल कर सकता है। डिप्लोमा कोर्सेज में विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक ध्यान केंद्रित कराया जाता है। इसके अलावा इनमें जॉब प्रशिक्षण भी कराया जाता है। यदि आसान शब्द में कहा जाए तो डिप्लोमा कोर्स करके कोई भी व्यक्ति या स्टूडेंट कम वक़्त में किसी खास क्षेत्र में पारंगत बन सकता है।

अलग-अलग क्षेत्र या सब्जेक्ट के लिए डिप्लोमा की समयावधि भी अलग-अलग होती है जैसे की किसी विषय में डिप्लोमा को करने में सिर्फ 6 माह लग सकते है जबकि किसी अन्य डिप्लोमा को प्राप्त करने में 2 वर्ष तक का वक़्त लग सकता है। यह सब उस विषय एवं संस्थान पर निर्भर करता है, जिससे कोई स्टूडेंट डिप्लोमा की डिग्री हासिल करना चाहता है।

डिप्लोमा के कोर्स को पॉलिटेक्निक, आईटीआई या किसी यूनिवर्सिटी से किया जा सकता है। पर अलग-अलग जगह से किये डिप्लोमा की मान्यता अलगा-अलग होती है। पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करना सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि इसके बाद बीटेक जैसे कुछ कोर्स में आसानी से एडमिशन लिया जा सकता है, वो भी सीधे सेकंड ईयर में।

डिप्लोमा करने के लिए योग्यता

डिप्लोमा कोर्स कई तरह का होता है। प्रत्येक डिप्लोमा कोर्स में Admission लेने की योग्यता भी अलग-अलग होती है। योग्यता के नजरिए से देखा जाए है तो कई ऐसे डिप्लोमा कोर्स है जिनमें क्लास 8वी पास करने के बाद भी एडमिशन लिया जा सकता है जबकि कई डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए स्कूल लेवल की पूरी पढ़ाई करनी पड़ती है।

इसके अलावा डिप्लोमा के कुछ बड़े courses में admission के लिए minimum योग्यता अंडर ग्रेजुएशन भी आवश्यक है।

कुछ डिप्लोमा को छोड़कर अन्य डिप्लोमा में प्रवेश लेने के लिए आयु सीमा भी नहीं होती है। ऐसे में कोई भी अभ्यार्थी कभी भी डिप्लोमा में प्रवेश ले सकता है।

डिप्लोमा कोर्स के प्रकार, Diploma Courses List

डिप्लोमा कोर्स करने के लिए कई संस्थान होते है एवं हर संस्थान के अपने डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन के लिए अलग-अलग नियम होते है। लगभग ज्यादातर डिप्लोमा प्रोग्राम में बड़ी आसानी से Admission मिल जाता है जबकि कुछ डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा (entrance exam) देना पड़ता है।

Top Diploma Courses

  • Diploma in English
  • Diploma in Foreign Language
  • Diploma in Visual Communication and Digital Design
  • Diploma in Nutrition & Health Education
  • Diploma in Journalism
  • Diploma in Mechanical Engineering
  • फैशन डिज़ाइनिंग, ज्वैलरी डिज़ाइनिंग, इंटीरियर डिज़ाइनिंग,
    वेब डिज़ाइनिंग, ग्राफिक्स डिज़ाइनिंग में डिप्लोमा
  • Diploma in Nursing
  • Diploma in Electrical Engineering
  • Diploma in Computer Science

यह ऊपर दिए कुछ पॉपुलर डिप्लोमा के नाम है जबकि इनके अलावा भी अनेकों डिप्लोमा कोर्स उपस्थित है जिन्हें छात्र कर सकते है। किसी भी डिप्लोमा की विस्तृत जानकारी के लिए उस कोर्स को करवाए जाने वाले संस्थान/यूनिवर्सिटी की वेबसाइट देख सकते है या नजदीक होने पर व्यक्तिगत रूप से संपर्क करा जा सकता है।

डिप्लोमा कैसे करें

डिप्लोमा करने के लिए कई सारे संस्थान, पॉलिटेक्निक एवं यहां तक कि विश्वविद्यालय भी डिप्लोमा कोर्स करवाते हैं। किसी भी यूनिवर्सिटी या संस्थान को डिप्लोमा कोर्स करवाने के लिए यूजीसी (UGC) या एआईसीटीई के जरिये अप्रूव होने की जरुरत नहीं है। डिप्लोमा करने के लिए अलग-अलग इंस्टिट्यूट की अलग-अलग प्रवेश प्रक्रिया होती है। पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के लिए entrance exam पास करना पड़ता है। इसके बाद अच्छे नंबर होने पर सरकारी कॉलेज में Admission मिल जाता है एवं कम फीस लगती है जबकि कम नंबर आते है तो प्राइवेट कॉलेज से डिप्लोमा करा जा सकता है पर प्राइवेट से करने पर फीस अधिक लगती है।

यदि 10वीं पास करने के बाद पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा किया जाता है तो इसकी अवधि 3 वर्ष होती है जबकि साइंस से 12वीं करने के बाद पॉलीटेक्निक डिप्लोमा की समयावधि 2 वर्ष होती है।

यदि कोई स्टूडेंट आईटीआई से डिप्लोमा करना चाहता है तो यह बहुत आसान होता है। अपने नजदीकी किसी आईटीआई संस्थान में जिस भी तरह का डिप्लोमा करना चाहते हो, Admission लें एवं डिप्लोमा को पूरा करें। आईटीआई से डिप्लोमा प्राप्त करने की अवधि एक या दो वर्ष की होती है। कुछ डिप्लोमा कोर्स 6 माह में भी किये जा सकते है।

इसके अलावा यदि कोई स्टूडेंट किसी यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा करना चाहता है तो उसे यूनिवर्सिटी के जरिये आयोजित कराई जाने वाली ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के द्वारा डिप्लोमा में प्रवेश लेना होता है।

डिग्री और डिप्लोमा में अंतर

सामान्यत: डिग्री लगभग तीन से चार वर्ष की होती है जबकि डिप्लोमा एक से दो साल में किया जा सकता है। डिग्री सिर्फ यूनिवर्सिटी के जरिये दी जा सकती है जबकि डिप्लोमा यूनिवर्सिटी के अलावा पॉलीटेक्निक, आईटीआई से भी किया जा सकता है। डिप्लोमा की तुलना में डिग्री ऊंची होती है यानि किसी भी फील्ड में डिग्री को डिप्लोमा से अधिक वरीयता दी जाती है।

Usually, डिग्री कोर्स में कई विषयो के बारे में सिखाया जाता है जबकि डिप्लोमा में किसी विशेष क्षेत्र या सब्जेक्ट में professional बनाया जाता है।

डिप्लोमा करने के फायदे

डिप्लोमा करने के निम्न फायदे इस प्रकार है,

  • यूनिवर्सिटी से डिग्री कोर्स करने में कम से कम तीन वर्ष का समय लगता है जबकि डिप्लोमा को कम वक़्त में पूरा किया जा सकता है।
  • किसी भी क्षेत्र या विषय के बारे में कम वक़्त में प्रैक्टिकल ज्ञान मिल जाता है।
  • कोई भी जॉब करने के लिए जल्दी तैयार हो जाते है यानि कम वक़्त में ही जॉब के योग्य हो जाते है।
  • पैसे कम लगते है।

इसके अलावा डिप्लोमा करने के कई नुकसान भी होते है जैसे कई जॉब के लिए यूनिवर्सिटी से डिग्री का होना आवश्यक है आदि।

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